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Saturday, November 3, 2018

राजस्थान gk सभी महत्व पूर्ण परिक्षाऔ कै लिये राजस्थान की प्रमुख नदियाँ

राजस्थान  की प्रमुख  नदियाँ 


काली  सिंध  नदी := 

काली सिंध का उद्गम स्थान देवदास है

 यह राजस्थान में रायपुर झालावार में प्रवेश करती है इसका रूट बारा मे नोनेरा गांव कोटा में चंबल नदी मिलती है प्रोजेक्ट राजस्थान में इसका राजस्थानी; हरीश चंद्र सागर परियोजना है 
यह झालावाड़ जिला काली सिंह के है  

ईसकी सहायक नदियां=(Luna=code)
परवन,उजाड ,नेवज/नीमाज ,आहू



 6 परवन नदी :_

                 यहां अजनार + घोड़ा पछाड़ की संयुक्त धारा है

 उद्गम स्थान= विद्यांचल की पहाड़ी मध्य प्रदेश
राजस्थान में प्रवेश= मनोहर थाना झालावार
समापन= बारा में कालीसिंध नदी में
परवन नदी के किनारे शेरगढ़ अभ्यारण है
 7  नेवज/नीमाज नदी:  -  इसका उद्गम विद्यांचल मध्य प्रदेश में है राजस्थान मी प्रवेश कालू खेड़ी झालावाड़ है इसका समापन बारा परवन नदी मे है

7 आहू =
      आहू का उद्गम सुसनेर साड़ियां मध्य प्रदेश इसका समापन गागरोन झालावाड़ कालीसिंध नदी में है आहू नदी य किनारे मुकुंदरा हिल्स अभ्यारण है
 गागरोन दुर्ग आहू +  काली सिंध के संगम पर है

कोठारी:_

 उद्गम दिवेर की पहाड़ियां राजसमंद समापन भीलवाड़ा बनास नदी में बांध मेजा बांध मांडलगढ़ भीलवाड़ा 
8 बांणगंगा :=

          इसकी सभ्यता बैराठ 
 इसका उद्गम विराट की पहाड़ियां जयपुर में है नैहरे उज्जैन एथेना इनसे भरतपुर को पेयजल उपलब्ध होता है
बांध जमुआ रामगढ़ सहायक नदियां गॉसिप गोमती सूरा पलोसन

11 खारी नदी :-
        खारी नदी का उद्गम उद्गम विजय राज पहाडी राजसंंमद
समापन राज महल बनास नदी
नारायण सागर अजमेर बांध है सहायक नदी माही भीलवाड़ा खारी नदी के तट पर है
12 काकूंड 
               इसका उद्गम बयाना भरतपुर है 
बांध =बंधबरेठा( भरतपूर)रहा था



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15 गम्भीर नदी :-
     इसका उद्गम गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर
इसका समापन आगरा यमुना में इसमें बांध पांचना बांध करौली यह अमेरिका के संयोग के बना यह बांध गंभीर कि 5 सहायक  नदिया भद्रावती बेसावट  माची  अटा व बरखेड़ा से निर्मित राजस्थान का मिट्टी से बना सबसे बड़ा बांध है यह चली देहपरियोजना = भद्रावती नदी पर यह परियोजना करौली को भद्रावती नदी की बाडं से बचाने के लिए बनाया गया हैअरब सागर नदी तंत्र
1 लूणी नदी:-
           लूनी नदी का उद्गम नाग पहाड़ियां अजमेर है यह नदी से बनने वाला रूट नागौर से पाली से जोधपुर से बाड़मेर से जालौर शेख कच्छ का रण है इसका पानी बालोतरा बाड़मेर तक मीठा व बाद में खा रहा पचपदरा बाड़मेर लोनी को खरा कर देती है
पुष्कर की पहाड़ियों में तेवर वर्षा होने पर बालोतरा में बाढ़ आती है लूनी नदी अरावली के पश्चिम में प्रवाहित होने वाली एकमात्र नदी है सीवेज लोनी के प्रभाव क्षेत्र में बनी अस्थाई झिलों से की जाने वाली रबी की खेती को सेवज कहते हैं
लोनी के अंतर्गत राजस्थान का 10 पॉइंट 40% अपवाह क्षेत्र आता है
1 नैहड :-
       लोनी बाड़मेर और जालौर में दलदली क्षेत्र का निर्माण करती है जिसे नेहड़ कहते हैं बाड़मेर और जालौर क्षेत्र में लूणी बेसन के गॉड वाड़ा चित्र में चुकंदर की खेती के लिए जर्मन के सहयोग से गॉड वाड़ा विकास परियोजना चल रही है लोनी सर्वाधिक सहायक नदियां वाली नदी है सहायक नदियां लिलडी मीठड़ी  बॉडी सादगी जवाई जोजरी सुकड़ी बांकली मित्री गुहिया
लूनी नदी से जोधपुर के जसवंत सागर झिल को जल आपूर्ति की जाती हैं
2 माही नदी :-
              माही नदी उद्गम मेहद झील  अम्मा माऊ m p
यह राजस्थान में प्रवेश खादू गांव बांसवाड़ा 
माही नदी बांसवाड़ा प्रतापगढ़ डूंगरपुर बांसवाड़ा की सीमा बनाती है
इसमें दो बांध बनते हैं माही बजाज सागर यह बोरखेड़ा बांसवाड़ा में है दूसरा कडाना बांध पंचमहल गुजरात मैं बनता है
माही नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है माही नदी के प्रवाह क्षेत्र को छप्पन का मैदान कहते हैं इस की सहायक नदियां सोम जाखम अनाज हरण चाप मोरेन
3 सोम नदी :-
         उद्गम विच मेडा पहाड़िया ऋषभदेव उदयपुर में है सोम नदी उदयपुर डूंगरपुर की सीमा बनाती है इसमें बनने वाले बांध सोमकागदर. =उदयपूर
सोमकमला अम्बा =डूगरपुर

4 जाखम नदी  :-
             इसका उद्गम छोटी सादड़ी प्रतापगढ़ इस नदी पर जनजाति उप परियोजना के तहत 81 मीटर ऊंचा जाखम बांध जाखम बांध है जो राजस्थान का सबसे ऊंचा बांध है
5 साबरमती :- 
              उद्गम झाडोल उदयपुर यह नदी 5 धाराओं के रूप में प्रवाहित होने वाली नदी है इसके किनारे अहमदाबाद में गांधीनगर है साबरमती गुजरात की सबसे प्रदूषित नदी है सहायक नदियां वाकल हाथ मती सेई है

6  पश्चिमी बनास :-
           इसका उद्गम नया सानवाड़ा पिंडवाड़ा सिरोही है यह गुजरात में प्रवेश बनासकांठा गांव में है पश्चिमी बनास के किनारे गुजरात का डीसा नगर है
घग्गर नदी :;-
  आंतरिक प्रवाह वाली सबसे लंबी नदी है इसका उद्गम शिवालिक पहाड़ियां कालका हिमाचल प्रदेश है यह राजस्थान में टिब्बी हनुमानगढ़ में प्रवेश करती है घग्गर नदी प्राचीन सरस्वती के मार्ग पर प्रवाहित होने वाली घग्गर के किनारे कालीबंगा सभ्यता का विकास हुआ इसका ताल अपने संधि अपने संबंधित जिले हनुमानगढ़ी के तेल से ऊंचा है अधिक वर्षा की स्थिति में घग्घर पाकिस्तान के बालपुर के फोट अदवास तक पहुंच जाती है पाकिस्तान में  घग्गर को हाकरा नाम से जाना जाता है
2 काकनी/काकनेय :-
       का उद्गम कोटरी गांव जैसलमेर है समापन बुझ झील जैसलमेर है यह तीन अवस्थाओं में बहने वाली नदियां यह राजस्थान की सर्वाधिक मार्ग बदलने वाली नदी है यह जैसलमेर की मीठा खाड़ी का निर्माण करती है
3 कांतली :-
        इसका उद्गम खंडेला सीकर है कातली झुंझुनू को दो सीमा में बाटते  हुए चूरु सीमा पर विलुप्त हो जाती हैं कंतली नदी के किनारे गणेश्वर सभ्यता का विकास हुआ कांतली के प्रवाह क्षेत्र को तोूंरावटी कहते हैं
4 सबी नदी :-
   का उद्गम सेवर पहाड़िया जयपुर है समापन नजफगढ़ हरियाणा है रूपारेल नदी उद्गम उदय नाथ पहाड़ी अलवर है समापन भरतपुर है सहायक नदियां काली घाटी श्याम गंगा ताल वृक्ष

❤🧡👇🍐👇
नगर व नदियाँ 
कोटा में चंबल नदी 

झालावाड़ में कालीसिंध
 हनुमानगढ़ अनूपगढ़ सूरतगढ़ में घग्गर नदी 
बालोतरा में लोनी नदी 
सुमेरपुर पाली में जवाई नदी 
जालौर में सुकड़ी नदी 
सोजत में सुकड़ी नदी
 नाथद्वारा में बनास नदी




 टोंक में बनास नदी
 केशोरायपाटन बूंदी में चंबल नदी 
सवाई माधोपुर में बनास नदी
 चित्तौड़गढ़
गंभीरी बेचन नदी 

भीलवाड़ा में खारी कोठारी 
सलेमाबाद अजमेर रूपनगढ़ नदी

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